वो अधूरी सुबह …

….आज भी है आपके स्पर्श का एहसास,
हमेशा रहता है मेरे ही आस पास ।
आते हो ख़्वाबों में, आज भी,
फिर खो जाते हो कहीं… Continue reading वो अधूरी सुबह …