वो अधूरी सुबह …
….आज भी है आपके स्पर्श का एहसास,
हमेशा रहता है मेरे ही आस पास ।
आते हो ख़्वाबों में, आज भी,
फिर खो जाते हो कहीं… Continue reading वो अधूरी सुबह …
….आज भी है आपके स्पर्श का एहसास,
हमेशा रहता है मेरे ही आस पास ।
आते हो ख़्वाबों में, आज भी,
फिर खो जाते हो कहीं… Continue reading वो अधूरी सुबह …
जैसे एक-एक धागे का हो आपसे संपर्क;
मिलता है इससे स्नेह बिना किसी शर्त | Continue reading पापा की कमीज़